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Chanakya Neeti in Hindi | चाणक्य के अनमोल विचार | Chanakya Quotes in Hindi

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Chanakya Neeti in Hindi

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‘पंडित’ विष्णुगुप्त चाणक्य को आज पूरा विश्व ‘आचार्य चाणक्य‘ के नाम से जानता है। उनकी प्रसिद्धि का सबसे बड़ा कारण उनकी रचना ‘चाणक्य नीति‘ है। इसी नीति की शक्ति से एक साधारण सैनिक भारत जैसे गौरवशाली देश का सम्राट बन गया, जिसे इतिहास में ‘चंद्रगुप्त मौर्य‘ के नाम से जाना जाता है। तो ये है चाणक्य नीति का कुछ अंश –

Chanakya Neeti in Hindi #1

चाणक्य नीति हिंदी में #1

दुष्टों तथा काँटों का दो ही प्रकार का उपचार है – जूतों से कुचल देना या दूर से ही उन्हें देखकर मार्ग बदल देना।

आचार्य चाणक्य Acharya Chanakya

संसाररूपी इस वृक्ष के अमृत के समान दो फल हैं – सुन्दर बोलना और सज्जनों की संगति करना।

Chanakya Quotes in Hindi #2

चाणक्य के अनमोल विचार #2

सिंह से हमें यह सीखना चाहिए कि काम छोटा हो अथवा बड़ा पूरी शक्ति से करें। जिस प्रकार सिंह शिकार छोटा हो अथवा बड़ा वह अपनी पूरी शक्ति से झपटता है।

आचार्य चाणक्य Acharya Chanakya

मूर्ख को उपदेश शत्रु के समान लगता है। लोभियों अथवा कंजूस को याचक (भिखारी) शत्रु-सा लगता है। व्यभिचारिणी स्त्री को उसका पति शत्रु लगता है और चोरों को चन्द्रमा शत्रु लगता है।

Chanakya Neeti in Hindi #3

चाणक्य नीति हिंदी में #3

ज्ञान से बढ़कर दूसरा गुरु नहीं, कामवासना के समान दूसरा रोग कोई नहीं, क्रोध के समान आग नहीं और अज्ञानता के जैसा शत्रु नहीं।

आचार्य चाणक्य Acharya Chanakya

तांबे का बर्तन अम्ल से, कांस्य का पात्र भस्म (राख) से, नदी बहने से और स्त्री रजस्वला होने से शुद्ध होती है।

Chanakya Quotes in Hindi #4

चाणक्य के अनमोल विचार #4

ब्राह्मण, गुरु, अग्नि, कुंवारी कन्या, बालक और वृद्धों को पैरों से नहीं छूना चाहिए। ये सभी आदरणीय हैं। हमें इन्हें आदर-सम्मान देना चाहिए।

आचार्य चाणक्य Acharya Chanakya

नीम जी जड़ में मीठा दूध डालने से नीम मीठा नहीं हो सकता, उसी प्रकार कितना भी समझाओ दुर्जन व्यक्ति साधु नहीं बन सकता।

Chanakya Neeti in Hindi #5

चाणक्य नीति हिंदी में #5

स्त्री से सम्बन्ध उसके रजस्वला होने के बाद स्थापित करना श्रेष्ठ माना गया है, क्योंकि रजस्वला होने के बाद स्त्री कुंवारी कन्या-सी पुनीत हो जाती है। असमय मैथुन करना न तो नैतिक ही है और न स्वास्थ्य के लिए ही उचित है।

आचार्य चाणक्य Acharya Chanakya

मनुष्य अकेला जन्म लेता है, अकेला दुःख भोगता है, अकेला ही मोक्ष का अधिकारी होता है और अकेला ही नरक में जाता है। अतः रिश्ते-नाते तो क्षण-भंगुर हैं, हमें अकेले ही दुनिया के मंच पर अभिनय करना पड़ता है।

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Chanakya Quotes in Hindi #6

चाणक्य के अनमोल विचार #6

पशुओं में कुत्ता, पक्षियों में कौआ और मुनि-सन्यासियों में पापाचरण करने वाला चांडाल कहलाता है, साथ ही परनिंदा करने वाला, वह चाहे किसी भी वर्ण का हो, चाण्डाल कहलायेगा।

आचार्य चाणक्य Acharya Chanakya

बुद्धिमान वही है जो अपनी कमियों को किसी पर उजागर न करे। घर की गुप्त बातें, धन का विनाश, निकृष्टों द्वारा धोखा, अपमान, मन का संताप इन बातों को अपने तक ही सीमित रखना चाहिए।

Chanakya Neeti in Hindi #7

चाणक्य नीति हिंदी में #7

गधा बहुत संतोषी जीव है। थकने पर भी वह बोझ ढोता रहता है, सर्दी-गर्मी की उसे परवाह नहीं रहती, संतुष्ट भाव से जो मिल जाये, उसी में गुजर करना, ये बातें गधे से सीखनी चाहिए।

आचार्य चाणक्य Acharya Chanakya

अन्न से बढ़कर कोई दान नहीं होता। द्वादशी की तिथि सर्वोपरि है। गायत्री मंत्र सर्वश्रेष्ठ है और माता से श्रेष्ठ कोई नहीं।

Chanakya Quotes in Hindi #8

चाणक्य के अनमोल विचार #8


सीधेपन का लाभ लोग उठाते ही हैं। मनुष्य को इतना ज्यादा भी सीधा नहीं होना चाहिए कि हर कोई उसे ठग ले। जंगल में सीधे खड़े वृक्षों को ही कटा जाता है। टेढ़े-मेढ़े वृक्ष मजे से सीन ताने खड़े रहते हैं।

आचार्य चाणक्य Acharya Chanakya

ब्राह्मण, राजा और सन्यासी सदैव भ्रमणशील होने चाहिए, इससे उनका मान और गौरव बढ़ता है, लेकिन स्त्री भ्रमणशील होने पर पतित हो जाती है।

Chanakya Neeti in Hindi #9

चाणक्य नीति हिंदी में #9

स्त्री सब-कुछ कर सकती है, कवि सब-कुछ देख सकता है, शराबी सब-कुछ कर सकता है, कौआ सब-कुछ खा सकता है। मनुष्य का स्वाभाव ही उसे उच्च व निम्न बनाता है।

आचार्य चाणक्य Acharya Chanakya

प्राप्त धन, भोजन और अपनी स्त्री में ही संतोष करना चाहिए लेकिन ज्ञानार्जन, तप और दान करने में कभी संतुष्ट नहीं होना चाहिए। इन्हें लगातार बढ़ाते रहना चाहिए।

Chanakya Quotes in Hindi #10

चाणक्य के अनमोल विचार #10

यदि सिंह की माद में जाकर देखा जाये तो हो सकता है कि कीमती ‘गजमुक्ता’ मणि मिल जाये, लेकिन सियार की गुफा में बछड़े की पूंछ और गधे के चमड़े के अलावा कुछ नहीं मिल सकता। अर्थात विद्वान पुरुषों की संगति से ज्ञान की कोई न कोई बात सीखने को अवश्य मिलेगी, लेकिन मूर्ख से कुछ भी नहीं मिल सकता।

आचार्य चाणक्य Acharya Chanakya

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अप्रिय बोलना, दुष्टों की संगति, क्रोध करना, स्वजन से बैर, ये सब नरकवासियों के लक्षण हैं।

Chanakya Neeti in Hindi #11

चाणक्य नीति हिंदी में #11

अतिथि का सत्कार न करने वाला, थके-हारे को आश्रय न देने वाला और दूसरे का हिस्सा हड़प करने वाला, ये सब लोग महापापी होते हैं।

आचार्य चाणक्य Acharya Chanakya

सिद्ध-औषधि का मर्म, मैथुन, गुप्त वार्ता, घर का भेद, अपमान की बात, इन सभी को गुप्त रखना ही हितकर होता है।

Chanakya Quotes in Hindi #12

चाणक्य के अनमोल विचार #12

हाथी को अंकुश से, सींग वाले प्राणियों को लाठी से, घोड़े को चाबुक से और दुजन को तलवार से वश में करना चाहिए।

आचार्य चाणक्य Acharya Chanakya

दिन में दीपक जलाना, समुद्र में वर्षा, भरे पेट के लिए भोजन और धनवान को दान देना व्यर्थ है।

Chanakya Neeti in Hindi #13

चाणक्य नीति हिंदी में #13

अधिक पैदल चलने से आदमी बूढ़ा हो जाता है, घोड़ों को बांधकर रखा जाये तो वे बूढ़े हो जाते हैं, मैथुन के अभाव में स्त्री बुढ़िया हो जाती है और धूप में पड़े-पड़े कपड़े जर्जर हो बुढ़ापे को प्राप्त होते हैं।

आचार्य चाणक्य Acharya Chanakya

बिना मंत्री का राजा, नदी किनारे के वृक्ष और दूसरे के घर जाकर रहने वाली स्त्री – ये सभी शीघ्र नष्ट हो जाते हैं।

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Chanakya Quotes in Hindi #14

चाणक्य के अनमोल विचार #14

शरीर पर तेल लगाने के बाद, श्मशान से लौटने पर, हजामत बनवाने पर और स्त्री प्रसंग के बाद (फ़ौरन बाद नहीं) जब तक स्नान नहीं किया जाता मनुष्य अपवित्र ही रहता है। स्वास्थ्य की दृष्टि से भी यह उचित है, लेकिन स्त्री-प्रसंग के फौरन बाद नहाने का निषेध है।

आचार्य चाणक्य Acharya Chanakya

संतानहीन राजा, मंत्र का अज्ञानी साधक और दान के बिना यज्ञ, यह सब मनुष्य को नष्ट कर सकते हैं। इनसे सावधान रहना चाहिए।

Chanakya Neeti in Hindi #15

चाणक्य नीति हिंदी में #15

अपनी संतानों को जो माता-पिता उचित शिक्षा नहीं दिलवाते, वे उनके शत्रु हैं।

आचार्य चाणक्य Acharya Chanakya

मनुष्य रूप, यौवन और मदिरा में खोकर अपने आप को ही भूल जाता है, लेकिन जब उसे होश आता हैतो नरक का द्वार उसके सामने होता है। अर्थात सुरा-सुंदरी का सुख मनुष्य को नरक के अतिरिक्त कुछ नहीं दे सकता। इससे बचना ही श्रेयस्कर है।

Chanakya Quotes in Hindi #16

चाणक्य के अनमोल विचार #16

विद्वानों एवं साधुजन को स्त्री के प्रपंच में नहीं फंसना चाहिए, क्योंकि अधिकांश घटनाएं स्त्री के कारण ही हुई हैं।

आचार्य चाणक्य Acharya Chanakya

अग्नि, जल, मूर्ख, सर्प और राजा इनसे निकटता खतरनाक होती है। थोड़ी-सी भी असावधानी बरतने से ये लोग प्राणघातक सिद्ध हो सकते हैं, अतः सदैव सावधानी बरतनी आवश्यक है।

Chanakya Neeti in Hindi #17

चाणक्य नीति हिंदी में #17

अग्नि-ब्राह्मण, स्त्री-पुरुष, स्वामी-सेवक और हल-बैल के बेच से नहीं निकलना चाहिए। ऐसा करने पर हानि होना निश्चित है।

आचार्य चाणक्य Acharya Chanakya

साधुजन के दर्शन से पुण्य प्राप्त होता है। साधु तीर्थों के समान होते हैं। तीर्थों का फल तो कुछ समय बाद मिलता है, किन्तु साधु समागम तुरंत फल देता है।

Chanakya Quotes in Hindi #18

चाणक्य के अनमोल विचार #18

ईश्वर न काष्ठ में है, न मिट्टी में, न मूर्ति में। वह केवल भावना में है। अतः भावना ही मुख्य है। खा भी गया है –
जाकी रही भावना जैसी,
प्रभु मूरत तिन देखि तैसी।

आचार्य चाणक्य Acharya Chanakya

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काम मनुष्य का सबसे बड़ा रोग है। अज्ञान या मोह सबसे बड़ा शत्रु है। क्रोध मनुष्य को जल देने वाली भयंकर अग्नि है तथा आत्मज्ञान ही परम सुख है।

Chanakya Neeti in Hindi #19

चाणक्य नीति हिंदी में #19

धार्मिक कथाओं को सुनने पर, श्मशान में तथा रोगियों को देखकर व्यक्ति की बुद्धि को जो वैराग्य हो जाता है, यदि ऐसा वैराग्य सदा बना रहे तो भला कौन संसार के इन झूठे बंधनों से मुक्त नहीं होगा।

आचार्य चाणक्य Acharya Chanakya

स्त्रियों में आहार दुगुना, लज्जा चौगुनी, साहस छः गुना तथा कामोत्तेजना आठ गुनी होती है।

Chanakya Quotes in Hindi #20

चाणक्य के अनमोल विचार #20

जिन घरों में विद्वानों, ब्राह्मणों का आदर नहीं होता, वेद-शास्त्रों आदि का अध्ययन, पाठ अथवा कथा नहीं होती तथा यज्ञ नहीं किये जाते, ऐसे घरों को श्मशान के समान समझना चाहिए।

आचार्य चाणक्य Acharya Chanakya

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19 Comments

  1. Realy your post very nice !!
    Very Usefull Nd Gyanvardhak Knowledge Share Ki Aapne Thx For This !!!

    February 19, 2017
    |Reply
    • HindIndia
      HindIndia

      कविता जी, आपको हमारा यह पोस्ट पसंद आया इसके लिए बहुत-बहुत धन्यवाद और सादर आभार। 🙂

      February 20, 2017
      |Reply
  2. Very nice and useful post. धन्यवाद हमारे साथ शेयर करने के लिए ।

    February 21, 2017
    |Reply
    • HindIndia
      HindIndia

      Thank you Babita ji. You are most welcome!! 🙂

      February 21, 2017
      |Reply
  3. आपने चाणक्य की बहुत अच्छी अच्छी नीतियाँ शेयर करी है हम सबके साथ. उसके लिए धन्यवाद 🙂

    February 21, 2017
    |Reply
    • HindIndia
      HindIndia

      धन्यवाद हिमांशु जी। कोशिश यही रहेगी कि HindIndia.com पर सभी readers को सदैव अच्छी चीजें मिलती रहें। 🙂 🙂

      February 21, 2017
      |Reply
    • HindIndia
      HindIndia

      Thanks a lot Sarvesh ji. 🙂 🙂

      February 22, 2017
      |Reply
  4. sm
    sm

    good collection

    February 23, 2017
    |Reply
    • HindIndia
      HindIndia

      Thanks @SM. 🙂 🙂

      February 24, 2017
      |Reply
  5. Very nyc article aapne likha hai. i like it chankya neeti

    February 24, 2017
    |Reply
    • HindIndia
      HindIndia

      धन्यवाद नितेश जी। 🙂 🙂

      February 25, 2017
      |Reply
  6. बहुत ही शानदार लेख। बेहतरीन पोस्ट। बहुत ही पसंद आया मित्र। शुक्रिया बहुत-बहुत।

    February 25, 2017
    |Reply
    • HindIndia
      HindIndia

      आपको यह पोस्ट अच्छी लगी, इसके लिए बहुत-बहुत धन्यवाद और सादर आभार अमित जी। 🙂

      February 25, 2017
      |Reply
  7. Aapki Har Post Bahut Hi achhi likhi hui hai. aap me bahut hi talent chhipa hua hai . uska sahi disha me istmaal kr rahe ho , keep up Do good work.

    March 6, 2017
    |Reply
    • HindIndia
      HindIndia

      प्रोत्साहन के लिए सादर आभार और धन्यवाद मुकेश जी। 🙂

      March 8, 2017
      |Reply
  8. Shailesh Tailor
    Shailesh Tailor

    उत्साह वर्धन प्रस्तुति और मनोबल से युक्त

    March 20, 2017
    |Reply
    • HindIndia
      HindIndia

      बहुत-बहुत धन्यवाद शैलेश जी। 🙂

      March 20, 2017
      |Reply

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