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मनुष्य का स्वप्न | Dream of a Man Short Hindi Moral Story

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मनुष्य का स्वप्न

मनुष्य का स्वप्न | मनुष्य का स्वप्न शिक्षाप्रद लघु हिंदी कहानी | Dream of a Man Short Hindi Moral Story | Lion, Rats, Snake & the Honeycomb Best Hindi Short Moral Story

एक बार एक आदमी (Man) ने अपने सपने (Dream) में देखा कि एक शेर उसका पीछा कर रहा है। वह आदमी अपनी जान बचाने के लिए एक पेड़ की तरफ भागा और उस पेड़ पर चढ़ कर उसकी एक शाखा पर बैठ गया। उसने नीचे की ओर देखा और पाया कि शेर (Lion) अभी भी वहाँ उसका इंतज़ार कर रहा है।

फिर वह आदमी अपनी शाखा की तरफ देखा जहां पर वह बैठा हुआ था। वह शाखा जो पेड़ से जुड़ी हुयी थी उसको दो चूहे (Rats) चारो तरफ से चक्कर काट-काट के काटते जा रहे थे। एक चूहा काला था और दूसरा सफेद। उनके ऐसा करने से शाखा बहुत जल्द ही जमीन पर गिरने वाली थी।

आदमी तो डर के साथ फिर से नीचे देखा और पाया कि एक बड़ा काला सांप (Snake) उसके ठीक नीचे मुँह खोलकर बैठा हुआ है। उस नाग का मुँह इतना बड़ा था कि वह आदमी अगर गिरे तो उसमें समा जाये।

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आदमी इन सब मुसीबतों से बचने के लिए कुछ उपाय सोचने लगा। इतने में उसका ध्यान ऊपर की शाखा की तरफ गया। उसने देखा कि उस शाखा में मधुमक्खी का छत्ता (Honeycomb) लगा हुआ है। इतने में उसका ध्यान उस छत्ते से गिर रहे शहद की तरफ गया। उसने उस शहद की एक बूँद चखने के लिए अपनी जीभ बाहर की तरफ निकाली। और उसने शहद की एक बूँद चखी।

चूँकि शहद स्वाद में अद्भुत था। इसलिए वह शहद की एक और बूंद का स्वाद करना चाहता था। इस तरह से वह शहद की मिठास में खो गया। और अपना ध्यान शहद चखने में लगाने लगा और उसके आनंद में सराबोर होने लगा। इस बीच, वह अपने शाखा को कुतरने वाले दो चूहों के बारे में भूल गया।

वह भूल गया कि शेर और साँप उसके ठीक नीचे जमीं पर बैठे हुए हैं। और अगर वह नीचे गया या गिरा तो मारा जायेगा। थोड़ी देर के बाद, वह अपनी नींद से जाग उठा और तब जा करके उसे सुकून मिला की कोई मुसीबत नही थी, यह तो बस एक सपना था।

फिर भी वह इस सपने (Dream) के पीछे का अर्थ प्राप्त करने के लिए एक पवित्र विद्वान (Pious Scholar) के पास गया। विद्वान ने कहा, जो शेर तुमने देखा था वह अपनी मौत (Death) है। यह हमेशा इंसान का पीछा करती रहती है चाहे तुम जहाँ भी जाओ।

दो चूहे, एक काला और एक सफेद, रात और दिन हैं। काला एक रात है और सफेद एक दिन है। जैसे-जैसे दिन और रात बीतते हैं वे चक्कर काटते-काटते धीरे-धीरे हमें मौत के करीब लाते हैं। एक काले मुंह के साथ बड़ा काला सांप हमारी कब्र है। यह वहाँ है, बस इस इंतजार के लिए हम इसमे कब गिरेंगे और उसका काम पूरा होगा।

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और मधुमक्खी का छत्ता यह दुनिया (world) है और मीठे शहद इस दुनिया की विलासिता (luxuries) हैं। हमें इस शहद रूपी दुनिया की विलासिता की एक-एक बूंद का स्वाद पसंद है, यह हमें बहुत अच्छा लगता है। हम पहले एक फिर एक और के पीछे लगे रह जाते हैं और यह भूल जाते हैं कि मौत हमारे पीछे लगी हुयी है। इसलिए हमें विलासिता को छोड़कर कुछ और भी काम कर लेना चाहिए जिससे हमारा कल्याण हो सके।

शिक्षा | Moral

इस शहद रूपी जीवन का आनंद लेते-लेते हम इसमें खो जाते हैं और हम अपने समय को भूल जाते हैं, अपने मौत को भूल (forget) जाते हैं और तो और हम अपनी कब्र (graves) तक को भूल जाते हैं।

यह संसार एक सर्प के समान है, यह छूने में तो बहुत प्यारा और मुलायम लगता है लेकिन यह बहुत ही जानलेवा और घातक होता है। मूर्ख व्यक्ति इसके लालच में पड़ जाते हैं और अपना खुद का नुकसान कर लेते हैं और बुद्धिमान व्यक्ति इसको avoid करते हैं और इसके जहरीले प्रभाव से बचे रहते हैं।

इसलिए हमें भी इस संसार में अपने अच्छे-बुरे का ध्यान रखकर समय व्यतीत करना चाहिए।

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27 Comments

  1. very nice and inspiring story……mere hisab se sahed bahut important hai kyoki sahed khhate hue bhi baad me sher katega aur sher ke bare me sochte hue jeene se bhi kabhi baad me sher katega….sher ko to katna hi hai…..ab chunab aapke hath hai ki kis tarah jeena chhate ho……?

    January 20, 2017
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    • HindIndia
      HindIndia

      अमूल जी, अपने विचार व्यक्त करने के लिए आपको बहुत-बहुत धन्यवाद। लेकिन मेरा मानना है की मनुष्य को अपनी विषम-परिस्थितियों को किस्मत/होनी का लिखा मानकर हाथ पर हाथ रखकर नही बैठना चाहिए और उसका कुछ ना कुछ हल निकालने की कोशिश अवश्य करनी चाहिए।
      क्योंकि अगर समस्या है तो उसका हल भी अवश्य ही होगा। 🙂 🙂

      January 21, 2017
      |Reply
    • HindIndia
      HindIndia

      धन्यवाद बबीता जी। 🙂 🙂

      January 21, 2017
      |Reply
  2. kya khub likha hai. Very nice Hindi story.
    Bhai sapno ke bina neend adhuri hoti hai. Sapno ke bina hamari neend adhuri hoti hai.

    Bhai kya mein pooch sakta hun aapka real name kya hai.

    January 21, 2017
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    • HindIndia
      HindIndia

      कमलेश जी, क्या शानदार बात कही है आपने “सपनों के बिना हमारी नींद अधूरी होती है”, यही तो सार्वभौमिक सत्य है।
      मेरा नाम “मृत्युंजय कुमार त्रिपाठी” है।
      ब्लॉग पर आने व अपना विचार व्यक्त करने के लिए आपको सादर आभार और धन्यवाद। 🙂

      January 21, 2017
      |Reply
  3. मजा आ गया ! बहुत ही शानदार लेख ! ऐसे ही, सभी को अच्छी और उपयोगी article शेयर करते रहिएगा !

    January 21, 2017
    |Reply
    • HindIndia
      HindIndia

      प्रणव जी, ब्लॉग पर आने व अपना विचार व्यक्त करने के लिए आपको बहुत-बहुत धन्यवाद व आभार। जी बिलकुल, आगे भी आपको ऐसे ही article मिलते रहेंगे। 🙂

      January 21, 2017
      |Reply
    • HindIndia
      HindIndia

      Thanks Debasish Ji. 🙂

      January 21, 2017
      |Reply
    • HindIndia
      HindIndia

      धन्यवाद कविता जी। 🙂 🙂

      January 21, 2017
      |Reply
    • HindIndia
      HindIndia

      Thanks Pramod ji for putting your views!! 😊😊

      January 22, 2017
      |Reply
  4. Sachmuch me bahut hi achhi kahani aapne post kiye hain niice article

    January 23, 2017
    |Reply
    • HindIndia
      HindIndia

      Dhanyawad Ajay ji. ☺☺

      January 23, 2017
      |Reply
  5. Wow bahut achi story batayi hai aap ne bilkul new hai humesha ki trah

    January 31, 2017
    |Reply
    • HindIndia
      HindIndia

      Vijay ji, apko yah article achchha laga iske liye Dhanyawad!! 😊😊

      January 31, 2017
      |Reply
  6. अरे वाह, एक बढ़िया कहानी पढ़कर वाकई मज़ा आया. सभी धर्मों की भी यही सीख है कि हमेशा ध्यान रखें की मौत कभी भी आ सकती है, इसलिए अच्छे कर्म करने का इन्तेज़ार ही न करते रहें, बल्कि उन्हें तुरंत करें. जिससे की अपनी मौत पर कोई अफ़सोस नहीं रह जाए .

    February 1, 2017
    |Reply
    • HindIndia
      HindIndia

      Bilkul sahi kaha aapne. Thank you so much…..Aadil ji. ☺☺

      February 3, 2017
      |Reply
  7. The design of your website is awesome

    May 9, 2017
    |Reply
    • HindIndia
      HindIndia

      Thank you Kedar ji. 🙂

      May 10, 2017
      |Reply
  8. Bahut hi achi story hai or sare post bahut hi badhiya lage or likhte rahiye aise hi

    June 25, 2017
    |Reply
  9. NICEE
    NICEE

    NIce

    October 3, 2017
    |Reply
    • HindIndia
      HindIndia

      Thank you!! 🙂

      October 11, 2017
      |Reply

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