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Yogi Adityanath Biography in Hindi | योगी आदित्यनाथ का जीवन परिचय | जीवनी

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योगी आदित्यनाथ का जीवन परिचय

Yogi Adityanath Biography in Hindi | योगी आदित्यनाथ का जीवन परिचय | Yogi Adityanath Life Biography in Hindi | योगी आदित्यनाथ की जीवनी हिंदी में | योगी आदित्यनाथ सक्सेस स्टोरी – महंत से मुख्यमंत्री तक का सफर

योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) को आज के समय में कौन नहीं जानता, उन्होंने इसी वर्ष मार्च के माह में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री (Chief Minister) पद की शपथ (Oath) ग्रहण की। लेकिन आप में से कितने लोग उनके यहाँ तक पहुँचने की सम्पूर्ण यात्रा से परिचित हैं? शायद बहुत ही कम।

आइये आज हम आपको योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) की सम्पूर्ण और कठिन जीवन (life) यात्रा के बारे में बताते हैं।

Yogi Adityanath Biography in Hindi | योगी आदित्यनाथ का जीवन परिचय

जन्म व परिवार | Birth and family

योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) जो मुख्यमंत्री होने के साथ साथ गोरखपुर (Gorakhpur) के प्रचलित, गोरखपुर मंदिर के महंत भी हैं, का असली नाम अजय सिंह बिष्ट है। इनका जन्म उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल ज़िले के पंचुर गाँव में एक राजपूत परिवार में हुआ।

योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) के पिता (father) एक फारेस्ट रेंजर थे जिनका नाम आनंद सिंह बिष्ट (Anand Singh Bisht) है और उनकी माता सावित्री देवी (Savitri Devi) एक गृहिणी हैं। अपने सात भाई बहनों में ये पांचवें थे। इनके अतिरिक्त इनकी तीन बहनें और तीन भाई और थे।

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किसी भी व्यक्ति को उसी की भाषा में उत्तर देना चाहिए, तभी वह ठीक से समझ पाता है।

Yogi Adityanath Biography in Hindi | योगी आदित्यनाथ का जीवन परिचय

शिक्षा काल | Education period

योगी आदित्यनाथ जिनका मूल नाम अजय सिंह बिष्ट (Ajay Singh Bisht) है, की प्रारम्भिक शिक्षा टिहरी (Tehri) के एक स्थानीय विद्यालय में हुई और सन् 1987 में उन्होंने 10वीं की परीक्षा पास की। इसके पश्चात वो 12वीं करने ऋषिकेश (Rishikesh) आ गए और यहाँ के भरत मंदिर इंटर कॉलेज से उन्होंने इंटर किया।

योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने सन् 1992 में स्नातक की डिग्री श्रीनगर के हेमवती नन्दन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय से गणित में बी.एस.सी (B.Sc) कर प्राप्त की। ये श्रीनगर, उत्तराखंड का ही एक छोटा सा शहर (city) है, जो लगभग 400 वर्ष पुराना है और आज के समय में यहाँ का सर्वश्रेष्ठ शैक्षणिक केंद्र है।

कॉलेज के समय में ही वो अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से भी जुड़े, जिसे हम उनके जीवन का पहला राजनीतिक (political) कदम मान सकते हैं।

कोटद्वार में उनका सामान चोरी हुआ जिसमें उनके सभी शिक्षा प्रमाण पत्र थे और इसी कारण उन्हें गोरखपुर से स्नातकोत्तर (Postgraduate from Gorakhpur) करने में बहुत कठिनाई का सामना करना पड़ा। लेकिन शिक्षा के प्रति सच्ची लगन के कारण उन्होंने न केवल प्रवेश पाया बल्कि गणित में एम.एस.सी (M.Sc) भी की।

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मैं उत्तरप्रदेश की जनता का आभारी हूँ और उन्हें आस्वस्त करता हूँ कि राज्य प्रगति की ओर चलेगा।

Yogi Adityanath Biography in Hindi | योगी आदित्यनाथ का जीवन परिचय

सन्यासी जीवन का आरम्भ | The beginning of a monk life

एमएससी की पढ़ाई के दौरान उन्हें गुरु गोरखनाथ पर शोध करने का कार्य मिला और उनकी किस्मत उन्हें गोरखपुर ले आई। इसी शोध कार्य के दौरान ही योगी आदित्यनाथ की भेंट महंत अवैद्यनाथ (Mahant Avaidyanath) से हुई और वो उनसे इस प्रकार प्रभावित हुए कि उनके शिष्य (disciple) बन गए और उनसे दीक्षा प्राप्त की।

सन् 1994 में योगी आदित्यनाथ पूर्ण रूप से संन्यासी बन गए और उसी समय से अजय सिंह बिष्ट का नाम पड़ गया योगी आदित्यनाथ

सन् 2014 के सितम्बर माह में यानि कि आज से ठीक तीन वर्ष पूर्व महंत अवैद्यनाथ का निधन हो गया, जिसके पश्चात योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) को गोरखनाथ मंदिर का महंत बनाया गया और ठीक 2 दिन बाद सम्पूर्ण विधि विधान से उन्हें मंदिर का पीठाधीश्वर नियुक्त किया गया।

Yogi Adityanath Biography in Hindi | योगी आदित्यनाथ का जीवन परिचय

राजनीतिक जीवन का आगाज़ | The beginning of political life

योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) के जीवन में राजनीति का आरम्भ भी उनके गुरु महंत अवैद्यनाथ के रहते ही हो गया था। स्वर्गीय महंत अवैद्यनाथ का राजनीतिक पार्टी बीजेपी से बहुत पुराना लेना देना है, ये भी बीजेपी से दो बार लोकसभा चुनाव जीत चुके थे।

योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) सन् 1998 में गोरखपुर से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रत्याशी के रूप में लड़े और जीते भी। उस समय उनकी आयु 26 वर्ष थी और वह लोकसभा के सबसे युवा सांसद (MP-Member of Parliament) थे। अगले वर्ष पुन: वो गोरखपुर से ही सांसद के रूप में निर्वाचित हुए।

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मैं राहुल जी से एक साल छोटा हूँ और अखिलेश जी से एक साल बड़ा। तथ्य यह है कि मैं इनकी साझेदारी के बीच में आ सकता हूँ शायद यह भी आपकी (सपा-कांग्रेस की संधि) असफलता का एक कारण हो सकता है।

योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने न सिर्फ अपने शिक्षा काल में, बल्कि राजनीतिक जीवन (political life) में भी बहुत संघर्ष (struggle) किया।

गोरखनाथ मंदिर के महंत और वहाँ के सांसद के रूप में पूर्वी उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ बहुत अधिक लोकप्रिय (Popular) हो चुके थे। तत्पश्चात उन्होंने अप्रैल 2002 में हिन्दू युवा वाहिनी का गठन किया। इसके बाद सन् 2009 में 2 लाख वोटों से विजयी होकर उन्होंने ऐतिहासिक जीत (epic win) दर्ज की।

उसके पश्चात भी वो लड़ते रहे और जीतते रहे। लेकिन हर बार उनके वोटों का आंकड़ा बढ़ता ही गया।

सन् 2014 में, जब 12 विधानसभा सीटों पर उप चुनाव हुए तब आदित्यनाथ ने इस चुनाव में कठिन परिश्रम किया लेकिन अपेक्षाकृत परिणाम नहीं मिले और भाजपा की ज्यादातर सीटों पर हार हुई। लेकिन अपने लक्ष्य से हार न मानते हुए उसकी ओर बढ़ना जैसे योगी ने ठान ही लिया था।

अपार प्रयासों के बाद, इसी वर्ष यानि सन् 2017 के विधानसभा चुनाव में योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने सम्पूर्ण उत्तर प्रदेश में अपना प्रचार किया, जिसमें भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने उनकी भरपूर सहायता की और 19 मार्च को हुई बैठक में विधायक दल ने उन्हें नेता चुनकर उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री (Chief Minister of Uttar Pradesh) पद सौंपा।

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जब मैं पहली बार इस घर में आया (संसद में) तब मैं बस 26 साल का युवक था।

योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) से जुड़े कुछ अनोखे तथ्य –
योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) को सन् 2007 में हुए गोरखपुर दंगों के तहत हिरासत में लिया गया। गोरखपुर में मुहर्रम के पर्व पर गोली बारी के दौरान एक हिन्दू युवा की जान चली गयी, उस समय योगी उस मौके पर पहुँचना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने आज्ञा नहीं दी।

बाद में पुलिस के आदेशों का उल्लंघन करते हुए उन्होंने उस युवा के लिए श्रद्धांजलि सभा आयोजित की और हज़ारों लोगों के साथ अपनी गिरफ्तारी भी दी। उनकी गिरफ्तारी से नाराज़ हुए उनके समर्थकों ने गोदान एक्सप्रेस (Godaan Express) ट्रेन में आग लगा दी।

योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री होने के साथ साथ एंटी रोमियो स्क्वाड (Anti-Romeo Squad) के कट्टर समर्थक भी हैं जो विद्यालय न जा पाने वाली बालिकाओं और औरतों की सुरक्षा के हित के लिए लड़ता है तथा कार्यरत है।

✍ सन् 2005 में योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) के नेतृत्व में लगभग 2000 ईसाईयों का शुद्धिकरण कर उन्हें हिन्दू धर्म धारण करवाया गया।

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टाइगर जैसा साहस जिस इंसान में होगा, वही इंसान टाइगर को दूध पिला सकता है।

योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) एक मध्यम वर्गीय परिवार में जन्मे और एक लम्बे संघर्ष के पश्चात आज एक ब्रह्मचारी और राजनेता हैं। एक ओर वो जहां हिन्दू धर्म के कट्टर समर्थक हैं, वहीँ सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध लड़ने को भी वो पूर्ण रूप से तैयार रहते हैं।

योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) एक सफल और शिक्षित व्यक्ति हैं जिन्होंने स्वेच्छा से ब्रह्मचर्य धारण किया और फिर अपने सपनों को साकार करने के लिए राजनीति में कदम रखा।

कई बार सांसद के रूप में जीत पाने के पश्चात भी मुख्यमंत्री पद के लिए पहली बार लड़ने पर उनकी हार हुई लेकिन इसके पश्चात भी उन्होंने अपनी कोशिश नहीं छोड़ी और आखिरकार वो आज उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं।

19 मार्च 2017 को उनके शपथ समारोह में बड़े बड़े दिग्गज नेता शामिल हुए जिनमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi), भाजपा अध्यक्ष अमित शाह (BJP President Amit Shah), राजनाथ सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और मुलायम सिंह यादव प्रमुख थे।

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एक योगी अपने मन में किसी भी प्रकार की कोई इच्छा नहीं रखता है।

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4 Comments

    • HindIndia
      HindIndia

      Thanks 🙂

      September 9, 2017
      |Reply
  1. Achi jankari ha ……….

    September 10, 2017
    |Reply
    • HindIndia
      HindIndia

      Thanks 🙂

      September 10, 2017
      |Reply

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