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वैवाहिक जीवन, स्वर्ग और नरक | Married Life, Heaven and Hell in Hindi Moral Story

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वैवाहिक जीवन, स्वर्ग और नरक

वैवाहिक जीवन, स्वर्ग और नरक । मनुष्य का स्वभाव शिक्षाप्रद हिंदी कहानी । Married Life, Heaven and Hell in Hindi Moral Story । Hindi Instructive story of Human Nature

वैवाहिक जीवन (Married Life) में पति-पत्नी का स्वभाव (Nature) बड़ा ही महत्व रखता है, अगर दोनों का स्वभाव न मिला तो गृहस्थी नरक (Hell) बन जाती है। और अगर मिल गया, तो गृहस्थी स्वर्ग (Heaven) बन जाती है। आज जो मैं आपको कहानी बताने जा रहा हूँ उसका मनुष्य के इस स्वभाव से बड़ा ही लेना-देना है। तो आईये चलते हैं –

एक शिष्य (Disciple) ने गुरु से कहा – “गुरुदेव! आप बराबर यह कहते हैं कि स्वर्ग और नरक (Heaven and Hell) इसी पृथ्वी पर हैं। क्या आप मुझे दिखा सकते हैं?”

“अवश्य!” गुरु ने कहा।

वैवाहिक जीवन में पति-पत्नी का स्वभाव ही जीवन की बुनियाद है।

गुरु ने शिष्य को आदेश दिया कि वह नगर में भिक्षाटन (Begging) के लिए जाये और शाम तक लौट कर आ जाये। शिष्य ने गुरु की आज्ञा का पालन किया। वह भिक्षाटन करने चला गया।

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कई घरों में भिक्षाटन करने के बाद जब वह एक घर के सामने आया तो गृहस्वामी (householder) अपनी पत्नी को बुरी तरह पीट रहा था। छोटा-सा बच्चा माँ-बाप का लड़ना-झगड़ना देखकर बुरी तरह रो रहा था। पत्नी बुरी-बुरी गालियाँ बक रही थी। इसके बावजूद गृहस्वामी ने उसे एक रूपया दिया। शिष्य चुपचाप (silently) आगे बढ़ गया।

दूसरे घर में गया। पति-पत्नी बड़े प्यार से बैठे बातें कर रहे थे। बच्चा पत्नी की गोद में था। उसे देखकर पत्नी बोली – “क्षमा करें महाराज! हम गरीब हैं। आज देने को कुछ नहीं है।” शिष्य चुपचाप आगे बढ़ गया।

अच्छा स्वभाव शहद की मक्खी की तरह है, जो प्रत्येक झाड़ी से शहद ही निकालती है।

शाम होने पर वह गुरु के पास पहुँचा। गुरु ने एक-एक विवरण पूछा। शिष्य ने सब बता दिया। गुरु ने संतोष (Satisfaction) की साँस ली – “तुमने स्वर्ग-नरक दोनों को देख लिया।”

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शिष्य चकरा गया। बोला – “कहाँ देखा गुरुदेव?”

गुरु ने बताया – “जहाँ से उसे दान में एक रूपया मिला है, वहाँ नरक था। जहाँ कुछ भी नहीं पा सका वहाँ स्वर्ग था।”

व्यक्ति के स्वभाव पर उसका भविष्य निर्भर करता है।

शिष्य की आँखें खुल गईं। वह गुरु के आगे नतमस्तक हो गया।

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इस कहानी ने मनुष्य के स्वभाव (Human Nature) का सुन्दर चित्रण कर बहुत कुछ कह दिया है। एक रूपया दान देने वाला भी अपने स्वभाव के कारण स्वर्ग का वासी साबित न हो सका। जबकि कुछ भी दान न देने वाला केवल अपने स्वभाव के कारण ही स्वर्ग का वासी माना गया।

इसलिए स्वभाव ही मनुष्य के अपने जीवन का स्वर्ग या नरक निर्धारित करता है।

घर की खुशहाली में स्वभाव का बड़ा महत्व होता है।

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27 Comments

  1. Hi HindiIndia,

    Aapka article likhne ka style bahut hi achha hai. Aap apne blog par bahut hi achhi jaankari share ki hui hai.

    Logo ko aapke article padhkar achhi knowledge milegi.

    Thamks

    Good Luck

    January 28, 2017
    |Reply
    • HindIndia
      HindIndia

      अमर जी, आपको हमारी writing skills अच्छी लगी इसके लिए सादर आभार। ब्लॉग पर आने और हमें प्रोत्साहित करने के लिए आपको बहुत-बहुत धन्यवाद। 🙂 🙂

      January 28, 2017
      |Reply
  2. प्रेरणास्पद कहानी।

    January 28, 2017
    |Reply
    • HindIndia
      HindIndia

      बहुत-बहुत धन्यवाद ज्योति जी। 🙂 🙂

      January 28, 2017
      |Reply
  3. बहुत अच्छी कहानी है।

    January 28, 2017
    |Reply
    • HindIndia
      HindIndia

      रेखा जी, आपको यह article अच्छा लगा इसके लिए सादर धन्यवाद। 🙂 🙂

      January 28, 2017
      |Reply
  4. आपने कहानी के माध्यम से बहुत अच्छी बात कही कि व्यक्ति के स्वभाव का उसकी जिन्दगी मे अहम रोल होता है । स्वभाव अच्छा होता है तो व्यक्ति सबके साथ मिल कर रहता है सबसे प्रेम करता है और बदले मे उसे भी वही सम्मान मिलता है । जहां प्रेम और सम्मान हो वहां खुबसूरती जिन्दगी हो ही जाती है ।

    January 28, 2017
    |Reply
    • HindIndia
      HindIndia

      जी बबिता जी, बिलकुल सही कहा आपने “जहाँ प्रेम और सम्मान हो वहाँ जिंदगी खूबसूरत हो ही जाती है” और ये दोनों चीजें इंसान को उसके स्वभाव से मिलती हैं। ……… Thanks for putting your views, here. 🙂

      January 29, 2017
      |Reply
  5. बहुत अच्छी जानकारी हमारे साथ शेयर आपके लिखने का अन्दाज ही कुछ अलग हैं जिसके कारण आपके लेख पंसद किये जाते हैं !
    धन्यवाद!

    January 29, 2017
    |Reply
    • HindIndia
      HindIndia

      राजेश जी, तारीफ के लिए शुक्रिया। 🙂 विचार व्यक्त करने के लिए सादर धन्यवाद और आभार। 🙂 🙂

      January 29, 2017
      |Reply
  6. Very nice …. thanks for sharing such an amazing article.

    January 29, 2017
    |Reply
    • HindIndia
      HindIndia

      Thanks …. Pramod Ji.

      January 29, 2017
      |Reply
    • HindIndia
      HindIndia

      Thanks Anil Ji, for putting your view. 🙂

      January 29, 2017
      |Reply
    • HindIndia
      HindIndia

      धन्यवाद यासिर जी। 🙂

      January 29, 2017
      |Reply
  7. sm
    sm

    nice story

    January 29, 2017
    |Reply
    • HindIndia
      HindIndia

      Thanks …. SM. 🙂

      January 29, 2017
      |Reply
  8. Bhut he acchi jaankari de hai aapne. thnks for this!

    January 30, 2017
    |Reply
    • HindIndia
      HindIndia

      Dhanyawad Gaurav Ji ….. Thanks for visiting our blog and putting your view!! 🙂

      January 30, 2017
      |Reply
    • HindIndia
      HindIndia

      धन्यवाद धर्मेंद्र जी। 🙂

      January 30, 2017
      |Reply
    • HindIndia
      HindIndia

      Apko yah article achchha laga eske liye Dhanyawad Ketan Ji.

      January 31, 2017
      |Reply
    • HindIndia
      HindIndia

      Thanks for appreciating us … bahut-bahut Dhanyawad @HindiTeacherOnline.Com.

      January 31, 2017
      |Reply
  9. कई बार देखने में आता है कि कई लोगों का वैवाहिक जीवन स्‍वर्ग के बजाए नरक में तब्‍दील हो जाता है। जिससे विवाहित जोड़े को कई गंभीर किस्‍म की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। आपकी यह पोस्‍ट निसंदेह लोगों का मार्गदर्शन करने में कामयाब होगी।

    March 5, 2017
    |Reply

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